हापुड़- मेले में हादसे का खतरा! रामलीला मैदान में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, झूलों की फिटनेस से लेकर हाईटेंशन लाइन तक शिकायत, एडीएम नें दिए जांच के निर्देश


Report By: Nadeem Naqvi 
हापुड़। शहर के रामलीला मैदान में आयोजित मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मोहल्ला लज्जापुरी के निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने डीएम कविता मीना को संबोधित शिकायती पत्र एडीएम संदीप कुमार को देकर मेले में संचालित झूलों और मौत के कुएं की तकनीकी जांच कराने तथा बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालन की स्थिति में उन्हें तत्काल बंद कराने की मांग की है। शिकायत में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन के नीचे दुकानें लगाए जाने और आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। आरोप है कि बड़े झूलों और मौत के कुएं का संचालन आवश्यक तकनीकी जांच एवं आधिकारिक फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना किया जा रहा है। झूलों में खराबी आने या कोई हिस्सा टूटने की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका जताई गई है।
शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि मेले में कई दुकानें 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के नीचे लगाई गई हैं। तारों और दुकानों के बीच कम दूरी होने से करंट अथवा शॉर्ट सर्किट का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, परिसर में अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पुस्तकालय की जमीन पर दुकानें लगाने को लेकर सवाल

स्थानीय निवासियों ने जिला राजकीय पुस्तकालय के लिए आवंटित जमीन पर दुकानें, झूले और अन्य गतिविधियां संचालित किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। शिकायतकर्ताओं का सवाल है कि जब प्रशासन ने पूर्व में शहीद मेले के दौरान राजकीय पुस्तकालय के लिए आवंटित जमीन पर दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी थी और वहां से दुकानें हटवाई गई थीं, तो अब उसी जमीन पर दुकानें किसकी शह पर लगाई जा रही हैं? उन्होंने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके पर तकनीकी टीम भेजकर झूलों और मौत के कुएं की जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा नियमों के विपरीत संचालित गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को भी भेजी गई है।

शिकायत पर प्रशासन ने लिया संज्ञान, उचित कार्रवाई के निर्देश

हापुड़ एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिकायत को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम हापुड़ और सीओ सिटी को अग्रसारित किया गया है। अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायत देने वालों में ललित कुमार, पिंटू सागर, अरुण कुमार, रामकुमार जाटव, प्रिंस, जगदीश वर्मा, रविंद्र कुमार, सुमित, अनुज कुमार आदि मौजूद रहें।

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