Report By: Nadeem Naqvi
गाजियाबाद। फिजियोथेरेपी और पुनर्वास के क्षेत्र में वर्षों से समर्पित सेवाएं दे रहीं गाजियाबाद की वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मीनाक्षी शिशोदिया PT ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। 18 वर्षों से अधिक के क्लिनिकल अनुभव और मरीजों के पुनर्वास, फिजियोथेरेपी शिक्षा तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें वर्ल्ड फिजियोथेरेपी Asia वेस्टर्न पेसिफिक (एडब्लूपी) रीजनल कांफ्रेंस 2026 में डिस्टिगुइश्ड सर्विस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
डॉ. मीनाक्षी शिशोदिया लंबे समय से फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को बेहतर और आत्मनिर्भर जीवन की ओर लौटाने के लिए कार्य कर रही हैं। वह मरीज की स्थिति का विस्तृत आकलन कर उसकी आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत पुनर्वास योजना तैयार करती हैं और उपचार के दौरान लगातार मार्गदर्शन देती हैं। उनका विशेष कार्यक्षेत्र न्यूरो-रिहैबिलिटेशन, स्ट्रोक, हेमीप्लेजिया, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, दर्द, ऑर्थोपेडिक एवं स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन से जुड़े मरीजों का पुनर्वास है।
स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के बाद चलने-फिरने, संतुलन बनाने और रोजमर्रा के कार्य करने में कठिनाई झेल रहे मरीजों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वहीं चोट अथवा शारीरिक समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए ऑर्थोपेडिक और स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन के माध्यम से कार्यक्षमता बहाल करने पर भी वह विशेष ध्यान देती हैं।
महिला स्वास्थ्य और पेल्विक फ्लोर रिहैबिलिटेशन में भी विशेषज्ञता
डॉ. शिशोदिया महिलाओं के स्वास्थ्य और एडवांस्ड पेलविक फ्लोर रहाबिलिटेशन के क्षेत्र में भी कार्य कर रही हैं। मरीजों की समस्याओं को समझकर आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों के माध्यम से उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराना उनके कार्य का अहम हिस्सा है। उनका प्रयास मरीजों को केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन में बेहतर कार्यक्षमता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाना है।
विद्यार्थियों और चिकित्सकों को भी दे रहीं प्रशिक्षण
क्लिनिकल सेवाओं के साथ डॉ. शिशोदिया फिजियोथेरेपी शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। फिजिज्ञान के माध्यम से वह विद्यार्थियों और चिकित्सकों को आधुनिक तथा एविडेंस बेस्ड क्लिनिकल स्किल्स से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उनका मानना है कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में बेहतर परिणाम के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक और आधुनिक क्लिनिकल कौशल भी जरूरी हैं।
वहीं, शिशोदिया एक्टिव लाइफ फिजियोथेरेपी क्लिनिक एंड न्यूरो रहाबिलिटेशन सेंटर के माध्यम से मरीजों को फिजियोथेरेपी और न्यूरो-रिहैबिलिटेशन की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां मरीज की जरूरत के अनुसार पुनर्वास की प्रक्रिया तैयार कर उसकी प्रगति पर लगातार ध्यान दिया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर जुटे विशेषज्ञ
वर्ल्ड फिजियोथेरेपी एडब्लूपी रीजनल कांफ्रेंस 2026 में विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में फिजियोथेरेपी की आधुनिक तकनीकों, फिजियोथेरेपी एक्सपो, भविष्य की नीतियों एवं कानूनों और भारतीय फिजियोथेरेपिस्टों की अंतरराष्ट्रीय भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में वर्ल्ड फिजियोथेरेपी के अध्यक्ष डॉ. मीचल लंदर्य, IAP के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव के. झा और आर्गेनिसिंग सेक्रेटरी डॉ. रूचि वार्ष्णेय पीटी सहित अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सम्मान मिलने के बाद डॉ. मीनाक्षी शिशोदिया ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन मरीजों, उनके परिवारों, विद्यार्थियों और सहकर्मियों के विश्वास और सहयोग की पहचान है, जिन्होंने उनके पेशेवर सफर में साथ दिया।
उन्होंने कहा, “किसी मरीज को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होते देखना ही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। यह सम्मान उस सफर की अंतरराष्ट्रीय पहचान है।”
18 वर्षों से अधिक के अनुभव में डॉ. शिशोदिया ने क्लिनिकल सेवाओं के साथ फिजियोथेरेपी शिक्षा और जनजागरूकता को भी अपने कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उनके इसी व्यापक योगदान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर डिस्टिगुइश्ड सर्विस अवार्ड के रूप में मिली पहचान ने गाजियाबाद के लिए भी गौरव का अवसर प्रदान किया है।


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