हापुड़- मरीज की सेवा सर्वोपरि, एसआईएमएस में एमबीबीएस विद्यार्थियों को दिया संवेदनशीलता का पाठ


Report By: Nadeem Naqvi 
हापुड़। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में शुक्रवार को एमबीबीएस बैच-2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत में भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की बारीकियों के साथ एक जिम्मेदार और संवेदनशील चिकित्सक बनने की सीख दी गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि डॉक्टर की पहचान केवल उसके ज्ञान और डिग्री से नहीं, बल्कि मरीज के प्रति उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और सेवा भावना से होती है।
कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम् के पाठ से हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। इस दौरान नवप्रवेशित छात्रों को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम, शैक्षणिक अनुशासन, संस्थागत नियमों, छात्र कल्याण और हॉस्टल व्यवस्था के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
संस्थान की प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर अध्ययन और मेहनत के साथ मानवीय संवेदनाओं को समझना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने और जिम्मेदार चिकित्सक बनने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करने का आह्वान किया।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रन ने विद्यार्थियों को ईमानदारी, विनम्रता, करुणा और अच्छे चरित्र को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि समाज को कुशल, योग्य और संवेदनशील चिकित्सक देना है।
संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ व्यावसायिक अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।
सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आरके सहगल ने अनुशासन को विद्यार्थी जीवन की मजबूत नींव बताया। वहीं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी ने चिकित्सा पेशे की गरिमा, मरीजों के प्रति सम्मान और नैतिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डायरेक्टर रघुवर दत्त, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, डॉ. कृति वर्ष्णेय, डॉ. ए. रेवंत कुमार, डॉ. मनीष कुमार मधरे सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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