Report By: Nadeem Naqvi
हापुड़। राष्ट्रीय लोकदल यानी रालोद की जिला इकाई में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक विवाद ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। पार्टी के 38 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी, जबकि कई पूर्व पदाधिकारियों ने भी संगठनात्मक गतिविधियों से दूरी बनाने का फैसला लिया है। इस घटनाक्रम से जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आगामी चुनावों से पहले संगठन की स्थिति को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में रालोद के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी ने बताया कि जून माह में पार्टी के दो पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद की जांच के लिए संगठन की ओर से एक समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी और संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन अब तक किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि कार्रवाई में हो रही देरी से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन की साख बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर राष्ट्रीय, प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला स्तर से जुड़े 38 पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है। साथ ही कई पूर्व पदाधिकारियों ने भी पार्टी को सहयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।
अशोक त्यागी ने पार्टी नेतृत्व से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिले में रालोद के भीतर उभरे इस असंतोष ने पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।













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