हापुड़- डायरिया से जंग का संकल्प, सरस्वती अस्पताल ने ओआरएस सप्ताह पर चलाया जागरूकता अभियान


Report By: Nadeem Naqvi 
हापुड़। डायरिया से होने वाले डिहाइड्रेशन की रोकथाम और बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड हॉस्पिटल के बाल रोग विभाग ने ओआरएस सप्ताह के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। दो दिवसीय अभियान में चिकित्सा विशेषज्ञों, मेडिकल विद्यार्थियों, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स और मरीजों के परिजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अभियान के दौरान मेडिकल छात्रों ने डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए डायरिया के कारण, उससे बचाव के उपाय, ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि और शरीर में पानी की कमी के लक्षणों की विस्तृत जानकारी दी।s विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते हुए वैज्ञानिक सोच और व्यवहारिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया।
लोगों को जागरूक करने के लिए स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसमें स्वच्छ पेयजल का उपयोग, भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत, बच्चों को स्तनपान जारी रखने तथा डायरिया होने पर बिना देरी किए ओआरएस और जिंक देने का संदेश दिया गया। नाटक को मरीजों और उनके परिजनों ने काफी सराहा।
कार्यक्रम के दौरान बाल रोग विभाग में स्वास्थ्य शिक्षा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें डायरिया की रोकथाम, ओआरएस के लाभ, जिंक थेरेपी, संतुलित पोषण और साफ-सफाई से संबंधित जानकारी पोस्टरों के माध्यम से प्रदर्शित की गई। इससे विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी नई जानकारियां प्राप्त हुईं।
यह कार्यक्रम बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार गोयल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। विभाग के चिकित्सकों, सहायक प्रोफेसरों, सीनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स तथा एमबीबीएस और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई।

संस्थान की प्राचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मेजर जनरल सीएस आहलुवालिया, सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आरके सहगल, निदेशक रघुवर दत्त और जनरल मैनेजर एन वर्धराजन ने कहा कि ऐसे जनजागरूकता अभियान समाज में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि डायरिया की स्थिति में घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत ओआरएस का सेवन शुरू करें, पर्याप्त तरल पदार्थ दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।




विज्ञापन 

Post a Comment

0 Comments