Report By: Nadeem Naqvi
हापुड़। जिले में यूरिया-डीएपी की उपलब्धता और स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बुधवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी को एहतियातन उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया। हालांकि उन्हें केवल घर से कांग्रेस कार्यालय तक आने-जाने की सीमित अनुमति दी गई।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी किसानों और आम बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया। दूसरी ओर प्रशासन का पक्ष है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
नजरबंदी के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि खरीफ सीजन में किसान यूरिया और डीएपी खाद के लिए घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं, फिर भी उन्हें समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। इससे खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है और किसानों की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से सभी खाद वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
राकेश त्यागी ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी चिंता जताते हुए कहा कि कई उपभोक्ताओं ने बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी की शिकायत की है। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
कांग्रेस की ओर से राज्यपाल के नाम भेजे गए ज्ञापन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने तथा स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई। वहीं हाउस अरेस्ट की कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं, जबकि प्रशासन अपने फैसले को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहा है।













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